भोपाल (मध्य स्वर्णिम): मध्य प्रदेश में मानसून अब रफ्तार पकड़ने लगा है। पिछले कुछ दिनों में प्रदेश के कई जिलों में झमाझम बारिश हुई है और नदियों का जलस्तर भी बढ़ा है, लेकिन बड़े बांधों की तस्वीर अभी भी राहत देने वाली नहीं है । जल संसाधन विभाग की 30 जून 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश के 54 प्रमुख जलाशयों में औसत जलभराव 33.61 प्रतिशत दर्ज किया गया है। पिछले साल 30 जून को यह 32.02 प्रतिशत था। यानी एक साल में जलभराव में सिर्फ 1.59 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, आंकड़ों का दूसरा पहलू चिंता बढ़ाने वाला है । प्रदेश के 54 में से 27 जलाशयों में आज भी पिछले साल की तुलना में कम पानी है । यही वजह है कि लगातार बारिश के बावजूद इस बार प्रदेश के किसी भी बड़े बांध का एक भी गेट नहीं खोला गया है, जबकि नदियों में जलस्तर बढ़ने लगा है । प्रदेश के सबसे बड़े इंदिरा सागर बांध की स्थिति सबसे ज्यादा चिंता बढ़ा रही है। यहां वर्तमान में 14.72 प्रतिशत जलभराव है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह करीब 24.5 प्रतिशत था । यानी करीब 10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है ।
इन जलाशयों में मिली राहत:
लगातार बारिश का असर कुछ जलाशयों में दिखाई देने लगा है। गांधीसागर (62.62 प्रतिशत), हरसी (53.96 प्रतिशत), कुटनी (55.66 प्रतिशत), मड़ीखेड़ा (64.77 प्रतिशत), राजघाट (79.75 प्रतिशत), ओंकारेश्वर (39.28 प्रतिशत) और पहसारी (34 प्रतिशत) जैसे जलाशयों में पिछले साल की तुलना में बेहतर जलभराव दर्ज हुआ है। इससे उम्मीद है कि जुलाई में अच्छी बारिश जारी रही तो अन्य जलाशयों की स्थिति भी सुधर सकती है।




