आगामी पांच सालों में व्यापक रोड मास्टर प्लान

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भोपाल (मध्य स्वर्णिम): मध्य प्रदेश में लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव, औद्योगिक विकास और शहरों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी को ध्यान में रखते हुए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने अगले पांच वर्षों के लिए एक व्यापक रोड मास्टर प्लान तैयार किया है । इस योजना के तहत वर्ष 2026-27 से 2030- 31 तक प्रदेश में लगभग 29,682 किलोमीटर नई और उन्नत सड़कें विकसित की जाएंगी । इन परियोजनाओं पर करीब 88 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है। योजना में प्रदेश के प्रमुख शहरों, औद्योगिक क्षेत्रों, कृषि उत्पादक इलाकों और पर्यटन स्थलों को बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया है। विभाग का उद्देश्य आने वाले वर्षों की यातायात आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ऐसा रोड नेटवर्क तैयार करना है, जिससे यात्रा सुगम और तेज हो सके । मास्टर प्लान में छह नए ग्रीनफील्ड कॉरिडोर प्रस्तावित किए गए हैं। इनमें भोपाल – इंदौर, भोपाल मंदसौर, इंदौर उज्जैन, जबलपुर-भोपाल, सागर – रतलाम और सागर जबलपुर जैसे प्रमुख मार्ग शामिल हैं। इन कॉरिडोर के बनने से बड़े शहरों के बीच सीधी और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी तथा यात्रा का समय भी कम होगा परियोजनाओं के लिए राज्य सरकार के बजट, सड़क विकास निधि और राष्ट्रीय राजमार्ग सहित अन्य वित्तीय स्रोतों से धन की व्यवस्था की जाएगी । आधुनिक तकनीक के माध्यम से परियोजनाओं की निगरानी और समयबद्ध क्रियान्वयन पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

2026-27 में सबसे अधिक निर्माण:
योजना के पहले वर्ष 2026-27 में सबसे अधिक कार्य किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद अगले चार वर्षों में चरणबद्ध तरीके से सड़क परियोजनाओं को पूरा किया जाएगा। विभागीय सड़कों के उन्नयन के साथ नए ग्रीनफील्ड मार्गों का भी निर्माण किया जाएगा। सड़क नेटवर्क मजबूत होने से औद्योगिक निवेश, लॉजिस्टिक्स, कृषि उत्पादों के परिवहन और पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क संपर्क से माल ढुलाई की लागत कम होगी, यात्रा आसान होगी और दुर्घटनाओं तथा ट्रैफिक जाम की समस्या में भी कमी आने की संभावना है।