कोलकाता (मध्य स्वर्णिम): उन्होंने कहा कि योग इस लक्ष्य को प्राप्त करने का प्रभावी माध्यम है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि योग आज दुनिया का सबसे बड़ा सामुदायिक उत्सव बन चुका है, जो, लोगों देशों और संस्कृतियों को एक सूत्र में जोड़ने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि 21 जून, जिसे वर्ष का सबसे लंबा दिन माना जाता है, अब पूरी दुनिया में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाता है।’ सफेद टी-शर्ट और सफेद पैंट पहने प्रधानमंत्री मोदी ने रेड रोड पर आयोजित सामूहिक योग सत्र में ताड़ासन, अर्धचक्रासन, भद्रासन और त्रिकोणासन सहित कई योगासन किए। करीब 40 मिनट तक चले इस कार्यक्रम के दौरान वे प्रतिभागियों के बीच पहुंचे और योग मुद्राओं को सही ढंग से करने के लिए उन्हें मार्गदर्शन भी दिया। कई लोगों की योग मुद्राओं को उन्होंने स्वयं सुधारने का प्रयास किया। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम योगा फॉर हेल्दी एजिंग यानी बढ़ती उम्र में स्वस्थ जीवन के लिए योग रखी गई है। इसका उद्देश्य यह संदेश देना है कि योग केवल शारीरिक फिटनेस तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को भी सुदृढ़ बनाता है।
2015 में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था:
कार्यक्रम में बुजुर्गों, युवाओं और विद्यार्थियों सहित सभी आयु वर्ग के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर राज्यपाल आर. एन. रवि, विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी, दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल तथा अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2015 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था। इसके बाद से ही प्रधानमंत्री मोदी देश और विदेश के विभिन्न शहरों में योग कार्यक्रमों का नेतृत्व करते चले आ रहे हैं।




