पैदल चलने वालों को परेशानी समझते हैं ड्राइवर: सुप्रीम कोर्ट

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नई दिल्ली (मध्य स्वर्णिम): सुप्रीम कोर्ट ने व्यवस्था दी है कि फुटपाथ पर चलने के अधिकार को संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (डी) के तहत एक मौलिक अधिकार माना गया है, जिसमें सुरक्षित और अच्छी तरह से चिह्नित फुटपाथ तक पहुंचने का अधिकार भी शामिल है। सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले में कहा कि तय किए गए फुटपाथ पर चलने के अधिकार का कोई भी उल्लंघन होने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मुआवजे और भरपाई के लिए संवैधानिक कानूनी उपायों का सहारा लिया जा सकता है । सुप्रीम कोर्ट केजस्टिस पीएस नरसिम्हा, जिन्होंने यह फैसला लिखा था, ने कहा, अगर कोई सडक़ है, तो यह पक्का करना जरूरी है कि पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ तय हो और उसे मेंटेन किया जाए । यह एक लागू करने लायक ड्यूटी है। तय फुटपाथ पर चलने का फंडामेंटल राइट, मोटर वाली गाड़ी के प्रिविलेज से ऊपर होगा । यह फैसला एक पांच साल के लडके की मौत के मामले में आया, जिसे अपने पिता के साथ पड़ोस के स्कूल जाते समय एक ट्रक ने कुचल दिया था।