नई दिल्ली (मध्य स्वर्णिम): अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चली आ रही तनातनी थमने और होर्मुज जलडमरूमध्य से प्रतिबंध हटने के बाद ऊर्जा आपूर्ति में भारत को बड़ी राहत मिली है। दरअसल होर्मुज दोबारा खुलने के साथ ही तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) से लदा पहला टैंकर गुजरात के भरूच जिले स्थित दहेज टर्मिनल पहुंच गया। लगभग 110 दिनों की अनिश्चितता के बाद इस खेप का भारत पहुंचना देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जहाज अपने साथ 62,370 मीट्रिक टन एलएनजी लेकर आया है । दहेज टर्मिनल पर इसकी सुरक्षित अनलोडिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है । होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त ऊर्जा व्यापार मार्गों में से एक है और इसके बाधित होने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति तथा कीमतों पर असर पड़ता है। ऐसे में मार्ग के खुलने से भारत सहित कई ऊर्जा आयातक देशों को राहत मिली है।
यातायात को चरणबद्ध तरीके से सामान्य किया जाएगा:
इस बीच, एनएनएससी ने होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों के आवागमन से जुड़ी सभी अपीलों और अनुमतियों के त्वरित निपटारे का निर्देश जारी किया है। यह फैसला ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हाल ही में हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन के बाद सामने आया है। एसएनएससी के अनुसार, समझौते के तहत अगले 60 दिनों तक होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। इस अवधि के दौरान सभी खर्चों का वहन ईरान सरकार करेगी। जहाजों को अपने आवागमन संबंधी अनुरोध पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (पीजीएसए) को भेजने होंगे, जो इस प्रक्रिया का समन्वय करेगी। ईरान ने यह भी आश्वासन दिया है कि जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात को चरणबद्ध तरीके से सामान्य किया जाएगा।




