नसबंदी के बाद भी गर्भवती हुई महिला, मानव अधिकार आयोग ने मामले में लिया संज्ञान

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जबलपुर (मध्य स्वर्णिम): जिले में हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला नसबंदी के बाद भी गर्भवती हो गई है। महिला की मेडिकल जांच में गर्भावस्था सात माह से पार हो चुकी थी जिसके बाद महिला को तीसरे बच्चे को जन्म देना पड़ा। महिला की शिकायत के बाद अब मानव अधिकार आयोग ने प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।आयोग ने मामले की जांच कर दो सप्ताह में जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा है। मानव अधिकार आयोग की क्षेत्रीय कार्यालय प्रभारी फरजाना मिर्जा ने बताया कि महिला जबलपुर के बागरी हिल्स की रहने वाली है। 26 वर्षीय महिला ने विक्टोरिया अस्पताल में नसबंदी करवाई थी । नसबंदी करवाने के बाद वह फिर से गर्भवती हो गई। जिसके बाद उसने तिलवारा स्वास्थ्य केन्द्र तथा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जांच व सोनोग्राफी करवाई तो गर्भावस्था सात माह से अधिक होने की पुष्टि हुई। महिला की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी । गर्भावस्था सात माह से अधिक होने के कारण उसे मजबूरन तीसरी संतान को जन्म देना पड़ा। पीड़ित महिला ने विगत दिनों जनसुनवाई में उपस्थित होकर बताया था कि वह गरीब श्रमिक है । महिला का आरोप है कि डॉक्टर की लापरवाही के कारण उसकी नसबंदी फेल हुई है।