नई दिल्ली (मध्य स्वर्णिम): प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत मई 2016 में वंचित परिवारों को स्वच्छ खाना पकाने का ईंधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की थी। शुरुआत में लाभार्थियों को सालाना 12 रियायती सिलेंडर दिए जाते थे, जिसे बाद में घटाकर 9 किया गया और अब इसे सिर्फ चार सिलेंडर सालाना करने का फैसला लिया गया है । पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को अब पहले की तुलना में कम सिलेंडरों पर वित्तीय सहायता दी जाएगी। नए नियमों के मुताबिक, लाभार्थियों को अब साल के पहले चार रिफिल पर ही प्रति सिलेंडर 300 रुपये का डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) मिलेगा। इससे पहले तक इस योजना के अंतर्गत आने वाले लाभार्थियों को साल भर में कुल 9 सिलेंडरों की रीफिलिंग पर यह लाभ दिया जाता था। अधिकारियों का कहना है कि उज्ज्वला योजना वाले एक आम परिवार में औसतन साल भर में लगभग चार सिलेंडरों की ही वास्तविक खपत होती है, इसलिए वित्तीय सहायता को इसी औसत खपत के स्तर के अनुरूप बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है।




